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Aadha Gaon
Published
1966
Pages
312
Language
Hindi
ISBN
9789350641224
About this book
Set in a Shia Muslim village during Partition, exploring how politics tears apart a community.
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AI Verdict
"आधा गाँव" विभाजन की त्रासदी और सांप्रदायिक राजनीति को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण कृति है। यह गंभीर पाठकों, भारतीय इतिहास और साहित्य में रुचि रखने वालों के लिए अत्यधिक अनुशंसित है। हल्के मनोरंजन की तलाश करने वाले आकस्मिक पाठकों को इसे छोड़ देना चाहिए।
AI Summary
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राही मासूम रज़ा का कालजयी उपन्यास "आधा गाँव" भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान गाज़ीपुर के गंगौली गाँव के शिया मुस्लिम समुदाय के जीवन को दर्शाता है। यह उपन्यास विभाजन की त्रासदी, सांप्रदायिक तनाव और राजनीति के गाँव के सामाजिक ताने-बाने पर पड़ने वाले गहरे प्रभाव को मार्मिकता से चित्रित करता है। यह दिखाता है कि कैसे एक ही समुदाय के लोग राजनीतिक विचारधाराओं के कारण बँट जाते हैं, और व्यक्तिगत व सामूहिक पहचान के संकट से जूझते हैं।
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